भारतीय
कृषि अनुसंधान परिषद के कृषि तकनीकी
अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (एटीएआरआई), क्षेत्र-9, जबलपुर में संस्थान का 46वाँ स्थापना दिवस समारोह गरिमामयी वातावरण में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, गोविंदनगर, नर्मदापुरम
से जुड़े दो प्रगतिशील किसानों को जैविक कृषि में
उल्लेखनीय उपलब्धियों के
लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मानित
किसानों में श्री सुभाष पटेल (सोहागपुर) एवं श्री अंकित पटेल
(पिपरिया) शामिल
हैं, जिन्होंने रासायनिक खेती को छोड़कर
जैविक खेती को अपनाया और उच्च उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का आदर्श
प्रस्तुत किया। दोनों किसानों की उपलब्धियों ने न केवल क्षेत्रीय स्तर पर बल्कि
व्यापक स्तर पर भी प्रेरणादायी उदाहरण स्थापित किया है।
कार्यक्रम
में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय कृषि
अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के उप महानिदेशक (कृषि प्रसार)
डॉ. राजवीर सिंह, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति प्रो. डॉ.पी.के. मिश्रा एवं ए.टी.ए.आर.आई.
जबलपुर के निदेशक डॉ.एस.आर.के. सिंह उपस्थित रहे। इन सभी गणमान्य अतिथियों ने किसानों की
उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि जैविक कृषि भविष्य की आवश्यकता है और
किसानों को इस दिशा में आगे बढ़ने हेतु प्रेरित होना चाहिए।
इस
अवसर पर पद्मश्री सम्मानित श्री बाबूलाल दहिया
(सतना) ने
विशेष सत्र में प्राकृतिक खेती पर
मार्गदर्शन प्रदान
किया। उन्होंने पारंपरिक खेती की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मिट्टी,
जल और पर्यावरण को संरक्षित रखते हुए प्राकृतिक खेती ही टिकाऊ
कृषि का आधार है।
समारोह
में वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों एवं किसानों ने
सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को नवीनतम तकनीकों, पारंपरिक ज्ञान और जैविक खेती की पद्धतियों से जोड़कर सतत कृषि
को बढ़ावा देना रहा।

