/* ads */

स्वामी विवेकानन्द जयंती पर ग्राम चिकलपाटी में भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन

rahul
0

 स्वामी विवेकानन्द जयंती पर ग्राम चिकलपाटी में भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन

ग्राम चिकलपाटी में स्वामी विवेकानन्द ज्ञानपीठ समिति, चिकलपाटी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ निश्चिन्तपुर मंडल के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानन्द जयंती के शुभ अवसर पर एक भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के चार बंगला भाषी एवं आठ वनवासी ग्रामों की सहभागिता रही। कार्यक्रम में पूरे गाँव की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। ग्राम की बहनों द्वारा द्वारों पर आकर्षक रंगोलियाँ सजाई गईं तथा भैयाओं द्वारा घर-घर भगवा पताकाएँ फहराई गईं, जिससे सम्पूर्ण ग्राम राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत दिखाई दिया।


हिन्दू सम्मेलन का शुभारंभ ग्रामीण माताओं एवं बहनों द्वारा पारंपरिक कलश यात्रा के साथ किया गया। इसके पश्चात मंचीय कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानन्द एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर की गई। मंच से अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया गया।

कार्यक्रम में विशेष रूप से चारों बंगाली ग्रामों के विभिन्न मत-पंथों के प्रमुख व्यक्तियों का ग्रामीणजनों द्वारा सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। इनमें मतुआ संप्रदाय से श्री मनोरंजन मंडल, अनुकूल संप्रदाय से श्री मनमथ विश्वास, वैष्णव संप्रदाय से श्री मंगल मंडल, रामानुज संप्रदाय से श्री गोपाल राय, पागोल बाबा संप्रदाय से श्री विजय गोलदार सहित यादव समाज एवं वनवासी समाज के प्रमुख व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के भैया-बहनों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने सराहना के साथ देखा। सम्मेलन की अध्यक्षता श्री दिलीप सिकदर द्वारा की गई। मातृ शक्ति का प्रतिनिधित्व श्रीमती वीणा ढाली द्वारा किया गया। कार्यक्रम में स्वयं सेवक श्री अमित दास जी विशेष रूप से उपस्थित रहे 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता श्री विक्रम जी (प्रांतीय सेवा प्रमुख) ने अपने उद्बोधन में हिन्दू सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बंगाल के देश के प्रति योगदान, त्याग, बलिदान एवं साहित्यिक परंपरा की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द के विचारों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र के उत्थान हेतु कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेवारत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकगण, ग्राम के गणमान्य नागरिक, माताएँ, बहनें, युवा वर्ग तथा समिति के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम सौहार्द, एकता और सांस्कृतिक चेतना के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



 

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)