उद्यानिकी विशेषज्ञ डॉ. रंजीत सिंह ने RAWE छात्रों के साथ संवाद करते हुए उद्यानिकी फसलों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की।
इस दौरान छात्रों ने कद्दू वर्गीय फसलों
में स्टेकिंग, पौधों
की वृद्धि, रोग एवं कीट प्रबंधन, पोषण प्रबंधन तथा बेहतर उत्पादन तकनीकों से संबंधित अपनी जिज्ञासाएँ रखीं। डॉ.
सिंह ने छात्रों के प्रश्नों का व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक तरीके से समाधान करते
हुए खेत पर अपनाई जाने वाली उन्नत तकनीकों की जानकारी दी।
आगे डॉ. सिंह ने कहा
कद्दू वर्गीय पौधों में स्टेकिंग क्यों
आवश्यक है?
कद्दू, खीरा,
लौकी, करेला, तोरई
जैसी बेल वाली फसलों में स्टेकिंग (सहारा देना) करने से पौधे को ऊपर की ओर बढ़ने के लिए
मजबूत आधार मिलता है।
मुख्य लाभ:
- 🌱 बेलों को मजबूत सहारा मिलता है और पौधे व्यवस्थित रूप से बढ़ते
हैं।
- ☀️ पत्तियों को पर्याप्त धूप और हवा
मिलती है।
- 🍃 खेत में नमी और अधिक घनत्व के कारण होने
वाले रोगों का
प्रकोप कम होता है।
- 🥒 फल जमीन के संपर्क में नहीं आते, जिससे फल सड़ने और दाग लगने की समस्या कम होती है।
- 🐛 कीट एवं रोगों की निगरानी और नियंत्रण आसान होता है।
- 🌾 खेत में जगह का बेहतर उपयोग होता है तथा बेलों का फैलाव नियंत्रित
रहता है।
- 🧺
फलों की तोड़ाई और गुणवत्ता बेहतर होती है।
- 💧
सिंचाई एवं अन्य कृषि कार्यों में भी
सुविधा रहती है।
यह संवाद RAWE छात्रों के लिए कृषि की व्यावहारिक समझ विकसित करने तथा आधुनिक
उद्यानिकी तकनीकों को करीब से जानने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।



