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RAWE छात्रों ने बायो एजेंट ( जैविक कीट नियंत्रण एजेंट) निर्माण की तकनीक सीखी।

rahul
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कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर में बायो एजेंट निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम

कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में  मध्यांचल कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर एवं रवींद्रनाथ कृषि विश्वविद्यालय के RAWE छात्रों ने बायो एजेंट ( जैविक कीट नियंत्रण एजेंट) निर्माण की तकनीक सीखी।

प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्रों को कृषि क्षेत्र में जैविक एवं पर्यावरण-अनुकूल उपाय अपनाने के लिए सक्षम बनाना था। प्रशिक्षण के अंतर्गत निम्न मुख्य विषयों पर व्याख्यान एवं प्रयोगशाला अभ्यास कराया गया:

  • बायो एजेंट क्या हैं प्रकार, उपयोग एवं महत्व
  • माइक्रोबियल कल्चर तैयार करना और उसे संवर्धित करना
  • कीट-रोग नियंत्रण हेतु ट्राइकोडर्मा, बासिलस, नेमैटोड़्स आदि उपयोग
  • प्रयोगशाला निष्कर्षों को खेत में अनुप्रयोग स्वरूप उपयोग करना
  • गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा मानकों का पालन

   प्रशिक्षण सत्र में छात्रों ने केंद्रीय वैज्ञानिकों एवं कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रयोगशाला तकनीकों को हाथों-हाथ अपनाया। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने स्वयं तैयार किए गए बायो एजेंट का प्रदर्शन किया | 

कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर के बायो एजेंट लैब के प्रभारी श्री ब्रजेश कुमार नामदेव (कीट प्रबन्धन विशेषज्ञ) ने कहा कि यह कदम न केवल छात्रों के कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में किसानों को रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने और जैव नियंत्रण पद्धति को बढ़ावा देने में मदद करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार होते रहेंगे और स्थानीय कृषि प्रणाली में जैविक नियंत्रण की तकनीकें अधिक व्यापक रूप से अपनाई जाएँगी।

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