पोषण-संवेदनशील कृषि पर प्रशिक्षण के साथ फील्ड सर्वे भी सम्पन्न
“Evaluation of Nutri Sensitive Agricultural Research and Innovation (NARI)” परियोजना के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय गणनाकार प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ-साथ जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण एवं अध्ययन कार्य भी किया गया। इस पहल का उद्देश्य कृषि के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण स्तर को बेहतर बनाना है।
इसी क्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, गोविन्दनगर में मध्यप्रदेश से 14 एवं छत्तीसगढ़ से 5 विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों से आई गृह वैज्ञानिकों की टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई। टीम ने ग्राम तिंदवाड़ा एवं कामती का भ्रमण कर वहां की महिलाओं से सीधे संवाद स्थापित किया। इस दौरान महिलाओं के खान-पान, पोषण स्थिति एवं कृषि आधारित आजीविका से जुड़े पहलुओं पर विस्तृत चर्चा कर सर्वेक्षण किया गया।
गृह वैज्ञानिकों की टोली ने गांवों में विकसित की गई पोषण वाटिकाओं (Nutrition Gardens) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि कैसे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर महिलाएं अपने परिवार के लिए पोषक आहार सुनिश्चित कर रही हैं। इस पहल को ग्रामीण स्वास्थ्य एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
कार्यक्रम में दिल्ली IFPRI से कृति शर्मा एवं वंसिका, आईसीएआर-अटारी, जबलपुर से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि पोषण-संवेदनशील कृषि आज की आवश्यकता है, जिससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि कुपोषण की समस्या को भी प्रभावी ढंग से कम किया जा सकेगा।
इस दौरान वैज्ञानिकों ने यह भी जोर दिया कि सही डेटा संग्रहण और जमीनी समझ के आधार पर ही ऐसी योजनाओं को सफल बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण एवं फील्ड सर्वे के समन्वय से यह कार्यक्रम अधिक प्रभावी और उपयोगी सिद्ध हो रहा है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और भविष्य में इस प्रकार के प्रयासों को और व्यापक स्तर पर लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम मे दोनों ग्रामो के लगभग 80 कृषक महिलाये सम्मिलित हुए।